सोनभद्र: कुड़ारी ग्राम सभा में कथित अवैध बालू खनन का बड़ा खेल! रात के अंधेरे में दौड़ती बालू लदी गाड़ियां, प्रशासन पर उठे सवाल
जुगैल/सोनभद्र। सोनभद्र जनपद के जुगैल थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली कुड़ारी ग्राम सभा में कथित अवैध बालू खनन का मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात होते ही खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं और पूरी रात सोन नदी से बालू निकालकर उसका परिवहन किया जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, रात 11:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक कथित अवैध खनन और परिवहन का सिलसिला लगातार जारी रहता है। बताया जा रहा है कि सोन नदी पुल से लगभग 100 मीटर पश्चिम स्थित एक बाग के अंदर बने रास्ते से बालू से लदी गाड़ियों का आवागमन होता है। इस गतिविधि को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो इतनी बड़ी संख्या में बालू लदी गाड़ियों का रातभर संचालन बिना किसी संरक्षण या लापरवाही के संभव नहीं लगता। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस पूरे मामले पर क्यों नहीं पड़ रही? क्या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही?
विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित और अवैध खनन से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि नदी का प्राकृतिक स्वरूप भी प्रभावित होता है। इससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ भविष्य में स्थानीय लोगों के सामने भी गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
फिलहाल क्षेत्र में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि संबंधित विभाग मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।
प्रशासन से उठते बड़े सवाल
– क्या रात के अंधेरे में हो रही कथित गतिविधियों की जानकारी संबंधित विभागों को नहीं है?
– यदि जानकारी है, तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
– क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन पर रोक लगाई जाएगी?
(नोट: इस खबर में उल्लिखित आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)





