जिला कलेक्टर की डीएल बैठक के निर्देश पर परिवहन–खनिज विभाग की संयुक्त कार्रवाई

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ओवरलोड राखड़ व प्रदूषण मानक उल्लंघन पर सख़्त रुख, बिना ई-TP कोयला परिवहन करते पकड़ा गया वाहन

 

जिला कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्टरेट सभागार में आयोजित डीएल (जिला स्तरीय) बैठक में दिए गए स्पष्ट निर्देशों के पालन में परिवहन विभाग एवं खनिज विभाग द्वारा जिले में संयुक्त रूप से सघन जाँच एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी रोक, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा वैधानिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करना रहा।

 

कलेक्टर द्वारा बैठक में निर्देशित किया गया था कि ओवरलोड राखड़ (फ्लाई ऐश), कोयला, रेत एवं गिट्टी का अवैध परिवहन, बिना तिरपाल खुले परिवहन तथा प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध सख़्त एवं निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री विक्रम सिंह राठौर के मार्गदर्शन में तथा खनिज विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में संयुक्त कार्रवाई की गई। जाँच के दौरान बिना ई-TP कोयला परिवहन करते पाए गए मालवाहक वाहन क्रमांक UP 64 CT 4374 को नियम विरुद्ध पाए जाने पर सुरक्षार्थ मोरबा थाना परिसर में खड़ा कराया गया।

 

संयुक्त टीम द्वारा प्रदूषण मानक (PUC), ओवरलोडिंग, खनिज परिवहन अनुमति (TP/ई-TP), बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र सहित अन्य वैधानिक दस्तावेजों की गहन जाँच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध ताबड़तोड़ चालानी कार्रवाई करते हुए दंडात्मक कार्यवाही की गई।

 

यह अभियान परसौना चौकी से बारीगंवा बायपास, विंध्यनगर से शक्तिनगर मार्ग, मुड़वानी–जयंत होते हुए शुक्ला मोड़ तक संचालित किया गया।

 

सड़क सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री के निर्देशानुसार चिन्हित मालवाहक वाहनों में रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए, जिससे रात्रिकालीन दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके

परिवहन एवं खनिज विभाग ने संयुक्त रूप से स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में अवैध खनिज परिवहन, शासकीय कार्यवाही में बाधा अथवा शासकीय सेवकों से अभद्रता की स्थिति में संबंधित वाहन स्वामी एवं चालक के विरुद्ध BNS एवं अन्य संबंधित अधिनियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की जाएगी।

अवैध खनिज परिवहन पर शून्य सहनशीलता, नियमों का पालन ही सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और वैधानिक व्यवस्था की गारंटी है