लाखों की लागत से बने स्कूल हो रहे जर्जर, न बच्चे पढ़ने आए न पढ़ाने आये टीचर।

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लाखों की लागत से बने स्कूल हो रहे जर्जर, न बच्चे पढ़ने आए न पढ़ाने आये टीचर।

 

 

जमालपुर/मीरजापुर। विकास खंड जमालपुर में गरीब बच्चों को नजदीक में शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2022-23 में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए प्राथमिक विद्यालय अब देखरेख के अभाव में जर्जर होते जा रहे हैं।शासन द्वारा हिनौती ग्राम पंचायत के अलमापुर,पिड़खिर ग्राम पंचायत के भैंसा सुर,भदावल ग्राम पंचायत के गोविंदपुर,जफरपुरा ग्राम पंचायत के आजाद नगर तथा अहरौरा के पास कुल पांच प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण कराया गया था।बताया जाता है कि प्रत्येक विद्यालय के निर्माण में करीब 8 से 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।लेकिन एक-दो विद्यालयों को छोड़ दें तो अलमापुर और भैंसा सुर जैसे विद्यालयों में अभी तक पठन-पाठन का कार्य शुरू ही नहीं हो सका है।विद्यालयों में बच्चों का पठन-पाठन और नियमित देखरेख नहीं होने से अराजक तत्वों द्वारा सोलर पैनल,सबमर्सिबल पंप, पानी की टंकी,नल की पाइप व टोटियां तक उखाड़ लिया गया हैं।तो वहीं शौचालय की टंकी,किचन, कार्यालय के खिड़की-दरवाजे, सीढ़ी और रैंप की रेलिंग सहित कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।एबीएसए कार्यालय बहुआर में बताया गया कि विद्यालयों में प्रभारी अध्यापक नियुक्त हैं,लेकिन पढ़ने वाले बच्चे उपलब्ध नहीं हैं।विभाग द्वारा इन विद्यालय भवनों को आंगनबाड़ी केंद्रों को हस्तांतरित करने की योजना बनाए जाने की बात भी कही गई है।

अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह ने कहा कि लाखों रुपये की लागत से बने विद्यालयों का उपयोग न होना और देखरेख के अभाव में उनका जर्जर होना सरकारी धन की बर्बादी है।शासन द्वारा मामले का तत्काल संज्ञान लेकर विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू कराने तथा क्षतिग्रस्त सामान और भवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।