बीजेपी नेता रमापति जायसवाल के घर वन विभाग का दो बार छापा!
जिला सिंगरौली। जिले के सरई क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर वन विभाग तक हलचल मचा दी है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पार्षद रमापति जायसवाल के घर वन विभाग की लगातार दो बार छापेमार कार्रवाई में लाखों रुपये की साल लकड़ी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। मामले में सरई रेंजर योगेंद्र तिवारी ने फोन पर कार्रवाई की पुष्टि की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस क्षेत्र में आम आदमी से नियम-कानून का पालन कराने के लिए प्रशासन सख्ती दिखाता है, वहीं राजनीतिक रसूख रखने वाले जनप्रतिनिधियों के यहां इतनी बड़ी मात्रा में बेशकीमती साल की लकड़ी आखिर कैसे पहुंची?
सत्ता का रसूख या कानून से बेखौफ कारोबार?
अगर बरामद लकड़ी अवैध रूप से संग्रहित की गई थी, तो यह केवल वन विभाग के नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि वन संपदा की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल है।
आखिर रमापति जायसवाल के यहां लाखों रुपये की साल लकड़ी कहां से आई? क्या जंगलों से अवैध कटाई कर लकड़ी का भंडारण किया जा रहा था? क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था? यह कारोबार कब से चल रहा था और अब तक वन विभाग की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी?
लगातार दो दिन कार्रवाई, क्या एक छापे में नहीं खुला पूरा खेल?
वन विभाग की लगातार दो बार कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या पहली कार्रवाई में पूरा स्टॉक बरामद नहीं हो पाया था?
क्या परिसर में लकड़ी का बड़ा भंडार मौजूद था?
क्या इस कथित कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी भूमिका है?
लकड़ी की खरीद कहां से होती थी और इसकी सप्लाई किन-किन स्थानों पर की जाती थी?
क्या वन विभाग इस पूरे नेटवर्क की जांच करेगा या कार्रवाई सिर्फ लकड़ी जब्त करने तक सीमित रहेगी?
किसका संरक्षण? विधायक-मंत्री तक उठ रहे सवाल!






