AVPN ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में डॉ. प्रीति अदाणी बोलीं- समुदायों को सशक्त बनाने से ही आएगा स्थायी बदलाव स्वास्थ्य, स्किल और शिक्षा के लिए ₹60,000 करोड़ की प्रतिबद्धता
अदाणी ग्रुप की सामाजिक कल्याण और विकास इकाई और AVPN ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2026 की स्ट्रैटेजिक पार्टनर अदाणी फाउंडेशन ने भारत मंडपम में करीब 2,000 नेशनल और इंटरनेशनल डेलीगेट्स के लिए वेलकम डिनर की मेजबानी की। AVPN एशिया का सबसे बड़ा सोशल इम्पैक्ट प्लेटफॉर्म है जहां 43 बाजारों के 700 से अधिक रिसोर्स प्रोवाइडर्स, इनोवेटर्स और प्रतिनिधि सामाजिक बदलाव के लिए पूंजी जुटाने और उसे प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने के उद्देश्य से मिलकर काम करते हैं। AVPN की 13वीं ग्लोबल कॉन्फ्रेंस पहली बार भारत में आयोजित हो रही है। 25-26 अगस्त को होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर से करीब 2,000 सोशल लीडर, कॉरपोरेट रिप्रेजेंटेटिव, पॉलिसी मेकर और इम्पैक्ट लीडर्स शामिल हो रहे हैं।

भारत और एशिया में सेवा करने की भावना लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का हिस्सा रही है। डेलीगेट्स का स्वागत करते हुए अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने लगातार मुश्किल होती सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और मजबूत पार्टनर्स बनाने पर जोर दिया।
डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा, “ऐसे समय में दुनिया भर के मानवतावादी सोशल लीडर्स का भारत में स्वागत करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है जब दुनिया भारत और एशिया को विकास और अवसरों के उभरते इंजन के रूप में देख रही है। अदाणी फाउंडेशन की तीन दशकों की यात्रा ने हमें सिखाया है कि स्थायी बदलाव तभी आता है जब समुदायों को अपना भविष्य खुद गढ़ने के लिए सशक्त बनाया जाए। सामाजिक चुनौतियां जैसे-जैसे जटिल हो रही हैं, हमें एक-दूसरे से सीखना होगा, जो प्रयास सफल रहे हैं उन्हें साझा करना होगा और ऐसी पार्टनरशिप बनानी होंगी जो हमारे प्रभाव को और आगे ले जा सकें। AVPN हमें एशिया और दुनिया भर के प्रेरक विचारों से सीखने के साथ-साथ भारत के जमीनी अनुभवों को साझा करने का एक शानदार अवसर देता है।”

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है, जब अदाणी फाउंडेशन भारत में अपने काम के 30 साल पूरे कर रहा है। 11 अगस्त 1996 को स्थापित फाउंडेशन के कार्यक्रम शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्किलिंग, आजीविका, दिव्यांगजनों के समावेशन, सामुदायिक बुनियादी ढांचे, खेल और जमीनी स्तर पर जलवायु एक्शन जैसे क्षेत्रों में फैले हुए हैं। तीन दशकों में फाउंडेशन का काम 22 राज्यों के 7,200 से अधिक गांवों तक पहुंचा है और इससे 1.3 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। फाउंडेशन सामाजिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी अपने काम का विस्तार कर रहा है।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के नेतृत्व में अदाणी फाउंडेशन ने स्वास्थ्य सेवा, स्किलिंग और उच्च शिक्षा के लिए ₹60,000 करोड़ (लगभग 7 अरब डॉलर) की प्रतिबद्धता जताई है। इस प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘अदाणी हेल्थ सिटीज’ है, जिसकी कल्पना इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर इकोसिस्टम के रूप में की गई है। इनमें 1,000 बेड के अस्पताल, रिसर्च फैसिलिटीज और मेडिकल कॉलेज शामिल होंगे। इसका पहला फेज मुंबई और अहमदाबाद में तैयार हो रहा है जबकि फाउंडेशन बिहार के पीरपैंती में 200 बेड का अस्पताल स्थापित करेगा।
इस प्रतिबद्धता में आई केयर, वोकेशनल स्किलिंग और उच्च शिक्षा में निवेश भी शामिल है। इसके तहत ऑप्थैल्मोलॉजी ट्रेनिंग के साथ कर्म शिक्षा, अदाणी सक्षम और अहमदाबाद स्थित अदाणी यूनिवर्सिटी जैसी पहल शामिल हैं। फाउंडेशन के महिला-नेतृत्व वाला उद्यमिता कार्यक्रम देशभर में 10 लाख से अधिक महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
यह पहल AVPN ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2025 में हांगकांग से शुरू हुई उस चर्चा को भी आगे बढ़ाती है जहां डॉ. प्रीति अदाणी ने एशिया में मानवता से जुड़े अनुभवों को आपस में जोड़ने के लिए एक ‘यूनिफाइड कोलैबोरेशन प्लेटफॉर्म’ बनाने का आह्वान किया था। नई दिल्ली में उनका संदेश इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए सफल पहलों से सीखने और उनके प्रभाव को अधिक लोगों तक पहुंचाने पर केंद्रित रहा।
अदाणी फाउंडेशन के लिए AVPN के साथ यह साझेदारी भारत में तीन दशकों के जमीनी अनुभव को एक वैश्विक मंच पर साझा करने के साथ-साथ पूरे एशिया के अनुभवों और सफल पहलों से सीखने का अवसर भी है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के संदर्भ में डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि देश की प्रगति का अंतिम उद्देश्य लोगों और समुदायों के लिए अधिक अवसर पैदा करना हो ना चाहिए।





