कलेक्टर ने औद्योगिक कंपनियों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की

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कलेक्टर ने औद्योगिक कंपनियों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की

विस्थापितों को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराएं औद्योगिक कंपनियां – कलेक्टर

कंपनियों से संबंधित शिकायतों के भौतिक सत्यापन के लिए तहसीलदारों को दिए निर्देश

सिंगरौली, 16 सितम्बर 2026/ कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने समय-सीमा बैठक के दौरान औद्योगिक कंपनियों से संबंधित प्राप्त होने वाले प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में उपस्थित औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि कंपनियों से संबंधित लंबित प्रकरणों एवं शिकायतों का संबंधित व्यक्तियों से संपर्क कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विस्थापितों से संबंधित प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए उन्हें शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार मुआवजा एवं अन्य देय लाभ उपलब्ध कराए जाएं तथा मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि औद्योगिक कंपनियां विस्थापितों को केवल भत्ते तक सीमित न रखते हुए उनकी शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार विस्थापितों को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के स्थायी अवसर प्राप्त हो सकें। साथ ही, रोजगार के अवसरों में महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।

बैठक में विस्थापितों के लंबित भत्ता भुगतान की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिन पात्र विस्थापितों का भत्ता भुगतान लंबित है, उनका भुगतान प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुनिश्चित किया जाए। जिन प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में भुगतान लंबित है, उनमें संबंधित हितग्राहियों से संपर्क कर दस्तावेजों की पूर्ति कराते हुए प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। औद्योगिक कंपनियों की ओबी डंपिंग परियोजनाओं से संबंधित शिकायतों, दूषित जल के रिसाव एवं अन्य पर्यावरणीय समस्याओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों को स्थल का भ्रमण कर शिकायतों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थल निरीक्षण के उपरांत वस्तुस्थिति के आधार पर संबंधित औद्योगिक कंपनियों के माध्यम से समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित कराया जाए तथा प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में जिले की औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।